अलाउद्दीन के हत्यारोपी को उम्र कैद , 21 वर्ष पूर्व हुई थी हत्या
•मामूली बात पर गोली मारकर की गई थी हत्या
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रूपाली सक्सेना की अदालत ने 21 वर्ष पूर्व मामूली विवाद में गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास व ₹5000 अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा डॉक्टर वकील अहमद निवासी खेतासराय ने स्थानीय थाने में अभियोग पंजीकृत करवाया कि दिनांक 10 जून 2004 को शाम 4.00 बजे मेरा ड्राइवर अलाउद्दीन विद्यालय परिसर में मेरी कार साफ कर रहा था तभी अब्दुल मन्नान उर्फ मुन्ना सरकार पुत्र रेहान निवासी मानीकला अपनी मारुति कार लेकर विद्यालय में आए और मेरे ड्राइवर से अपनी गाड़ी लेकर कहीं चलने के लिए कहा। ड्राइवर ने कहा कि मैं डाक्टर साहब को लेकर जा रहा हूं। तब उसने न चलने पर मेरे ड्राइवर को जान से मारने की धमकी दिया। पुनः गाड़ी चलाने से इनकार करने पर अब्दुल मन्नान ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से अलाउद्दीन को गोली मार दिया। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हुई हो गई। घटना को वादी डॉक्टर वकील अहमद, इस्लामुद्दीन, शफीक, हाफिज इत्यादि लोगों ने देखा था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह के द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने आरोपी अब्दुल मन्नान को भा०दं०वि० की धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास व ₹5000 अर्थदंड से दंडित किया।