राजनीति के फक्कड़ नेता थें राजनारायण
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जौनपुर । समाजवादी पार्टी कार्यालय पर स्व लोकबंधु जयप्रकाश राजनारायण के 104 वी जंयती के अवसर पर गोष्ठी आयोजित किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव कहा राजनरायण का संघर्ष तो ऐतिहासिक है आजाद भारत में बंधुत्व और सदभाव की खातिर कम लोग ने जीवन में इतनी प्रताड़ना सही होगी जो राजनीति के फक्कड़ नेता थें वह राममोहन लोहिया के साथ सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापकों मे थें हर किसी के लिए उपलब्ध और हर किसी के मददगार हालांकि बाद के बरसों में उन्हीं के सियासी साथियों ने उनके दूरी बना ली और उन्हें भारतीय राजनीति का विदूषक भी कहा जाने लगा 60 के दशक के खत्म होते होते इंदिरा गांधी मजबूत प्रधानमंत्री बन चुकी थीं ऐसे में राजनरायण ना केवल उनसें भिडे बल्कि विपक्ष को एक करने की जमीन भी बनाई अगर वह इंदिरा को मुकदमे में टक्कर नहीं देते तो ना जयप्रकाश नारायण संपूर्ण कांति का आंदोलन कर पाते ना आपातकाल लगता और ना 1977 के चुनाव में इंदिरा गांधी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ता समाजवादी सरकार ने जौनपुर मे लोक बंधु जयप्रकाश नारायण के नाम पर सद्भावना पुल बना कर यह साबित कर दिया समाजवादी पार्टी ही ऐसे महान शख्सियत का सम्मान करना जानती हैं
संचालन जिलामहाचिव हिसामुद्दीन शाह ने किया जंयती के अवसर पर मुख्य रूप विरेंद्र प्रताप सिंह, यशवंता यादव,प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी श्रवण जयसवाल,दीपचंद राम,पूनम मौर्या रुक्सार अहमद, अनवारुल हक,राजेश यादव रेयाज आलम, निजामुद्दीन अंसारी, रमेश साहनी,शाजिद अलीम,आरीफ हबीब, भानू प्रताप मौर्या, मजहब आसिफ राजा समाजवादी हफीज शाह,मालती निषाद, हर्षित यादव,सोनी यादव सीमा खाँ, आशीफ शाह आदि लोग उपस्थित रहे।