दरगाहों से हमें मिलती है इंसानियत की शिक्षाः संजीव यादव
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जौनपुर। हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (र.अ.) अजमेर शरीफ के उर्स के उपलक्ष्य में शुक्रवार को हजरत शेख मो. फाजिल शाह (र.अ.) दरगाह कमेटी के तत्वावधान में मदरसा फैजाने फाजिल के परिसर में ख्वाजा गरीब नवाज कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता हजरत मौलाना शमसुद्दीन साहब पेश इमाम ने किया। कान्फ्रेंस का आगाज तिलावते कलाम पाक से किया गया। इस मौके पर मौलाना शमसुद्दीन ने कहा कि हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (र.अ.) का 809वाँ उर्स राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित दरगाह में मनाया जायेगा लेकिन उर्स के सिलसिले में इस तरह का आयोजन इस्लामिक माह के शाबान की 6 तारीख से 9 तारीख तक मनाया जाता है। उन्होंने इतिहास पर गौर फरमाते हुए कहा कि चिश्तियाँ तरीका अबू इसहाक शामी द्वारा ईरान के शहर ‘चश्त’ में हुआ और इसके प्रचार व प्रसार के लिये मोइनुद्दीन चिश्ती साहब का आगमन भारत में हुआ। जहाँ पर उन्होंने दीन व धर्म के प्रचार के साथ मानवता का संदेश दिया तथा सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि दरगाहों व खानकाहों से हमें इंसानियत की शिक्षा मिलती है। कमेटी द्वारा प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम में सभी धर्म व मजहबों को बुलाना, लोगों को हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती (र.अ.) के बताये रास्ते पर चलने के लिये प्रेरित करना एक बड़ा कार्य है। इसी क्रम में दरगाह कमेटी के महामंत्री अरशद कुरैशी ने कहा कि ख्वाजा साहब ने जिस तरीके से समाज में फैली बुराइयों को समाप्त करने के लिए जद्दो-जहद किया। मानवता का संदेश दिया। ऊँच-नीच के भेदभाव को खत्म किया। अमीर व गरीब के बीच की खाई को पाटने का काम किया इन्हीं वजहों से उन्हें ख्वाजा गरीब नवाज के नाम से भी बुलाया जाता है। दरगाह कमेटी का यह प्रयास रहता है कि कान्फ्रेंस के जरिये जो भी बातें निकलती हैं लोग उसको आत्मसात करें। उनके बताये हुये रास्तों पर चलें। तभी सच्चे मायने में हम श्रद्धासुमन अर्पित कर सकेंगे। इस अवसर पर इब्राहिम कुरैशी, आसिफ कुरैशी, उमर मंसूरी, रफीक मंसूरी, मो. इमरान, फकीर अब्दुल कुद्दूस, हलीम कुरैशी, मुंशी इदरीशी, श्याम सेठ, संजय जाडवानी, नवीन सिंह वसगोती, दीपक जावा, पवन मोदनवाल, सलमान मलिक, शमशेर कुरैशी, शकील मंसूरी, ताज मोहम्मद, हाजी नूर मोहम्मद, मो. हारून, मो. उजैर आदि उपस्थित रहे। अन्त में देश व प्रदेश में अमन व चैन के लिये मौलाना कादिरी साहब ने दुआ करायी। कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष कमरूद्दीन खाँ ने किया।