बेटी के हाथ पीले करने की हसरत पूरी नहीं हो सकी उमा शंकर शुक्ल की
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जौनपुर। बेटी के हाथ पीले करने की उमा शंकर शुक्ल की हसरत पूरी नहीं हो
सकी। मंगलवार की सुबह छाछो गांव के मोड़ के पास एंबुलेंस के कुचल देने से
उनकी मौत हो गई। शादी की हंसी-खुशी का माहौल मातम में बदल गया। आगामी 12 मई
को छोटी बिटिया खुशबू की तयशुदा बेटी की शादी के सिलसिले में वह एक सप्ताह
पहले ही वह मुंबई से सपरिवार घर छाछो गांव आए थे। दुर्घटना में मौत की खबर
मिलते ही परिजनों पर मानो वज्रपात सा हो गया। परिजनों के करुण क्रंदन से
पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
उनके परिवार में दो पुत्र शैलेष (30) शैलेंद्र (24) व दो बेटियां पिकी (26) व खुशबू (22) हैं। दोनों बेटे अभी मुंबई में ही हैं। पिता की मौत की खबर लगने के बाद दोनों घर के लिवा रवाना हो चुके हैं। सीएचसी में पहुंची मृतक की पत्नी और दोनों बेटियों के करुण क्रंदन से हर किसी का कलेजा फट गया। अब लोगों को यही चिता सता रही है कि शादी कैसे होगी। जौनपुर-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित उक्त स्थान पर न तो ब्रेकर है और न ही क्रासिग का संकेत। इसके चलते उक्त स्थान पर सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
उनके परिवार में दो पुत्र शैलेष (30) शैलेंद्र (24) व दो बेटियां पिकी (26) व खुशबू (22) हैं। दोनों बेटे अभी मुंबई में ही हैं। पिता की मौत की खबर लगने के बाद दोनों घर के लिवा रवाना हो चुके हैं। सीएचसी में पहुंची मृतक की पत्नी और दोनों बेटियों के करुण क्रंदन से हर किसी का कलेजा फट गया। अब लोगों को यही चिता सता रही है कि शादी कैसे होगी। जौनपुर-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित उक्त स्थान पर न तो ब्रेकर है और न ही क्रासिग का संकेत। इसके चलते उक्त स्थान पर सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।