
जौनपुर। सावन के दूसरे सोमवार को जिले के विभिन्न शिवमन्दिरों पर सवेरे से ही जलाभिषेक करने वालो का ताता लगा रहा, जहा श्रद्धालुओं ने धतूर, मदार, बेलपत्र, दूध, माला , फूल, गन्ने का रस एवं विभिन्न प्रकार का फल चढ़ाया। मन्दिरों पर हर हर महादेव की गूज होती रही, नगर के मड़ियाहूं पड़ाव स्थित सिटी स्टेशन रेलवे क्रासिंग के निकट स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर सावन के दूसरे सोमवार को सैकड़ों भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव का पूजन अर्चन किया। महिलाओं ने शिवलिंग पर अभिषेक कर मन्नतें मांगी। हर हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजायमान हो गया। इस मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी भगवती वागीश ने प्रवचन के दौरान कहा कि भगवान शिव की उपासना करने से मानव समस्त कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर लेता है। कलयुग में काली व शिव की पूजा अर्चन करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि सावन में मौसम का परिवर्तन होने लगता है। प्रकृति हरियाली और फूलों से धरती का श्रृंगार देती है परन्तु धार्मिक परिदृश्य से सावन मास भगवान शिव को ही समर्पित रहता है। मान्यता है कि शिव आराधना से इस मास में विशेष फल प्राप्त होता है। सावन माह रुद्राभिषेक के साथ महामृत्युंजय का पाठ तथा काल सर्प दोष निवारण की विशेष पूजा का महत्वपूर्ण समय रहता है। उन्होंने कहा कि जन-गण-मन के आराध्य भगवान शिव सहज उपलब्धता और समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति के लिए सिर्फ कल्याण की कामना यही शिव हैं।