डेढ घंटे में पूरा होता पंद्रह मिनट का सफर
https://www.shirazehind.com/2017/12/blog-post_694.html
जौनपुर। शासन की ओर से सड़कों को गड्ढा मुक्ति करने का आदेश
अधिकारियों पर पड़ता नहीं दिख रहा है। मछलीशहर-सुजानगंज मार्ग बेहद जर्जर
स्थिति में है। एक किलोमीटर की सड़क पर सैकड़ों गड्ढों से पंद्रह मिनट के सफर
के लिए डेढ घंटे का समय लगता है। साथ ही गड्ढा युक्त सड़कों से क्षेत्र में
दुर्घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।
मछलीशहर से एक किलोमीटर मार्ग पर बड़े-छोटे मिलाकर तकरीबन आठ सौ गड्ढे हैं। कहीं-कहीं पर तो सड़क पूरे तरह गड्ढे में तब्दील हो चुका है। लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ बड़े गड्ढों में खड़ी ईट डलवाने की वजह से लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगो ने बताया कि तकरीबन आठ वर्ष पहले इस सड़क का निर्माण कराया गया था। इसके बाद इस सड़क पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जर्जर मार्ग के चलते हुई सड़क दुर्घटना में तमाम लोगों ने अपनी जान तक गंवा दी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधि समेत अधिकारियों की शिकायत पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह क्षेत्र के आनापुर से रामनगर, समाधगंज से अरुआवा, अरुआवा से दंताव की सड़कें भी खस्ताहाल स्थिति में है।
मछलीशहर से एक किलोमीटर मार्ग पर बड़े-छोटे मिलाकर तकरीबन आठ सौ गड्ढे हैं। कहीं-कहीं पर तो सड़क पूरे तरह गड्ढे में तब्दील हो चुका है। लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ बड़े गड्ढों में खड़ी ईट डलवाने की वजह से लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगो ने बताया कि तकरीबन आठ वर्ष पहले इस सड़क का निर्माण कराया गया था। इसके बाद इस सड़क पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जर्जर मार्ग के चलते हुई सड़क दुर्घटना में तमाम लोगों ने अपनी जान तक गंवा दी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधि समेत अधिकारियों की शिकायत पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह क्षेत्र के आनापुर से रामनगर, समाधगंज से अरुआवा, अरुआवा से दंताव की सड़कें भी खस्ताहाल स्थिति में है।