जिला अस्पताल से एण्टी रैबिज इंजेक्शन नदारत , मरीजो की कट रही है जेब
https://www.shirazehind.com/2017/01/blog-post_846.html
जौनपुर। पिछले एक सप्ताह से जिला अस्पताल में एंटी रैबिज (कुत्ता काटने की सुई) उपलब्ध न रहने से गरीब मरीजो को बाहर से मंहगे दामो पर खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में अखिलेश सरकार को मुफ्त दवाई का नारा खोखला साबित हो रहा है। उधर अस्पताल प्रशासन का रोना है कि हमे लिखित रूप से शासन को अवगत करा दिया है लेकिन आपूर्ति नही किया जा रहा है।
जौनपुर जिले की आबादी करीब पचास लाख है। ऐसे प्रतिदिन सैकड़ो लोग कुत्ते द्वारा काटे जाने का शिकार होते है। कुत्ते के शिकार लोगो को मुफ्त में एंटी रैबिज जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी चिकित्सालयों में लगायी जाती। पिछले एक हफ्ते से जिला अस्पताल में यह जीवन रक्षक इंजेक्शन न रहने के कारण मरीजो बाहर की मेडिकल की दुकानो से तीन सौ रूपये में खरीदकर लगवानी पड़ रही है। सक्षम मरीजो के लिए कोई बात नही लेकिन गरीब मजदूर तबके लिए इंजेक्शन खरीद कर लगवाना मुश्किल ही नही बल्की नामुमकीन है।
उधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 एस के पाण्डेय ने कहा कि सुई न होने की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है लेकिन अभी इंजेक्शन नही आ पाया है जिसके कारण मरीजो को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
जौनपुर जिले की आबादी करीब पचास लाख है। ऐसे प्रतिदिन सैकड़ो लोग कुत्ते द्वारा काटे जाने का शिकार होते है। कुत्ते के शिकार लोगो को मुफ्त में एंटी रैबिज जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी चिकित्सालयों में लगायी जाती। पिछले एक हफ्ते से जिला अस्पताल में यह जीवन रक्षक इंजेक्शन न रहने के कारण मरीजो बाहर की मेडिकल की दुकानो से तीन सौ रूपये में खरीदकर लगवानी पड़ रही है। सक्षम मरीजो के लिए कोई बात नही लेकिन गरीब मजदूर तबके लिए इंजेक्शन खरीद कर लगवाना मुश्किल ही नही बल्की नामुमकीन है।
उधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 एस के पाण्डेय ने कहा कि सुई न होने की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है लेकिन अभी इंजेक्शन नही आ पाया है जिसके कारण मरीजो को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।