निकाला गया अलम का जुलूस




जौनपुर। माह-ए-रमजान की 21 तारीख को अंजुमन कासिमिया चहारसू की जानिब से चहारसू स्थित रौजे वाली मस्जिद में अहले मोहल्ला की तरफ से रोजे अतारी का आयोजन किया गया। नमाज को इमाम-ए-जुमा आली जनाब मौलाना महफुजूस हसन खां ने अदा करायी। नमाज के बाद सभी मौजूद लोगों ने एकसाथ रोजा खोला। उसके बाद पहले इमाम हजरत अली की शहादत पर एक मजलिस का आयोजन हुआ । जिसको मौलाना महफूजुल हसन खां ने खिताब फरमाया। उन्होंने कहा कि हजरत अली के दौर में अद्ल और इंसाफ का बोलबाला था। रात के वक्त गरीबों के यहां वह खुद उनके खाने व पीने का इंतजाम करते थे। 21वें रमजान को उनकी शहादत हो जाने के बाद बहुत से लोगों के घर उनके खाने-पीने व जरूरत के सामान नहीं पहुंचे तो उनको यह पता चला कि पहले इमाम नहीं रहे और यह सारा इंतजाम उन्हीं के जरिये से किया जाता था। हजरत अली के मसायब को सुनकर जनसमूह रोते हुउ सीनाजनी करने लगा। हजरत अली ने इस्लाम की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। मजलिस के बाद अलम व ताबूत बरामद हुये। जिसके साथ अंजुमन कासिमिया के नौजवान नौहा व मातम करते हुए चल रहे थे। मौलाना नजफ़, डा. राहिल, सैफ, आदिल, वसीम हैदर, एएम डेजी, अली अनुस, नेयाज हैदर, फहीम हैदर, नईम हैदर, नासिर रजा गुड्डू, असलम नकवी, अजहर अब्बास, आसिफ आब्दी आदि उपस्थित थे।

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