राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में हुआ 1298 वादों का निस्तारण
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जौनपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक
सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज 10 बजे दीवानी न्यायालय परिसर में
राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश लुकमानुल हक की
अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका के अधिकारीगण, प्रशासनिक
अधिकारीगण एवं प्राधिकरण के सदस्यगण, अधिवक्तागण तथा काफी संख्या में
वादकारीगण उपस्थित रहे। इस लोक अदालत में विभिन्न अदालतों के माध्यम से
दीवानी के 27 वाद, लघु आपराधिक के 995 वाद, राजस्व 120 वाद, चकबन्दी के 32
वाद, वैवाहिक/भरणपोषण 90 वाद, स्टैम्प एक्ट में 05 वाद, विद्युत 06 वाद,
उत्तराधिकार के 16 वाद, एम0ए0सी0पी0 में 07 वाद यानी सम्पूर्ण 1298 वादों
के निस्तारण के फलस्वरूप 1705 व्यक्ति लाभान्वित हुए। इस अवसर पर यूनियन
बैंक, काशीगोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, बैंक आफ बडौदा, सेन्टल बैंक,
इलाहाबाद बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बजाज एलिएन्स,
महेन्द्रा फाइनेंस, ओरिएन्टल बैंक से सम्बन्धित ऋण वसूली वाद प्रीलिटिगेशन
स्तर पर निस्तारित किये गये जिसमें कुल 534 खातों के सापेक्ष में समझौता
राशि रू0 21208419 के परिप्रेक्ष्य मंे रू0 9330492 नकद वसूली की गई। इस
अवसर पर बैंक के अधिकारीगण व अन्य कर्मचारीगण मौजूद थे। लघु आपराधिक वादों
में बतौर अर्थदण्ड के रुप में रू0 64390 जमा कराया गया। परिवारिक न्यायालय
के प्रधान न्यायाधीश राधेश्याम यादव द्वारा भरण पोषण मामलों से संबंधित 90
वादों का निस्तारण कर सुलह के रूप में प्रथम पक्ष को रू0 4382000 की धनराशि
दिलाई गयी। स्टैम्प वादों में रू0 88,500 स्टैम्प कमी की पूर्ति कराई गयी।
उत्तराधिकार वादों में रू0 2360534 के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने
के निर्देश निर्गत हुए। मोटर दुर्घटना से पीड़ित व्यक्तियों को प्रतिकर के
रूप में रू0 1035304 की राशि दिलाई गई। इस अवसर पर सिविल जज/सचिव राजीव
कुमार पालीवाल भी उपस्थित रहें।