कटाहित गांव P.A.C के हवाले
https://www.shirazehind.com/2015/03/pac.html
मछलीशहर (जौनपुर) : कोतवाली क्षेत्र के कटाहित गांव में पट्टे की भूमि
को लेकर उपजे बवाल के बाद दूसरे दिन मौके पर पीएसी एवं पुलिस के जवान तैनात
हैं। दोनों पक्ष जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित फैसले की तिथि का इंतजार कर
रहे हैं।
बरईपार-मछलीशहर मार्ग पर सड़क किनारे स्थित पट्टे की भूमि को लेकर बुधवार को दो पक्षों में जातीय संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। समय रहते पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता के चलते अनहोनी की घटना तो टल गई मगर बवाल नहीं टाला जा सका। दिनभर प्रकरण सुर्खियों में रहा। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी एवं पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौके पर नजर बनाए रहे। तनाव को देखते हुए सायंकाल तक पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर रहे।
दोनों पक्ष 14 मार्च को प्रस्तावित पैमाइश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय की प्रतीक्षा में हैं। तब तक मौके पर पीएसी, दो सब इंस्पेक्टर ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। बहरहाल गुरुवार को मौके पर दोनों पक्षों का कोई भी व्यक्ति नहीं दिखाई दिया। केवल पुलिस के जवान ही सुरक्षा में बैठे रहे।
निस्तारण बाद होगी कार्रवाई
कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि मामले का निस्तारण होने के बाद गुण-दोष के आधार पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पक्ष पर मुकदमा दर्ज नहीं है।
बरईपार-मछलीशहर मार्ग पर सड़क किनारे स्थित पट्टे की भूमि को लेकर बुधवार को दो पक्षों में जातीय संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। समय रहते पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता के चलते अनहोनी की घटना तो टल गई मगर बवाल नहीं टाला जा सका। दिनभर प्रकरण सुर्खियों में रहा। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी एवं पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौके पर नजर बनाए रहे। तनाव को देखते हुए सायंकाल तक पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर रहे।
दोनों पक्ष 14 मार्च को प्रस्तावित पैमाइश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय की प्रतीक्षा में हैं। तब तक मौके पर पीएसी, दो सब इंस्पेक्टर ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। बहरहाल गुरुवार को मौके पर दोनों पक्षों का कोई भी व्यक्ति नहीं दिखाई दिया। केवल पुलिस के जवान ही सुरक्षा में बैठे रहे।
निस्तारण बाद होगी कार्रवाई
कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि मामले का निस्तारण होने के बाद गुण-दोष के आधार पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पक्ष पर मुकदमा दर्ज नहीं है।