बनारस में मोदी की रहेगी चौकस सुरक्षा
https://www.shirazehind.com/2014/11/blog-post_52.html
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात और आठ नवंबर को बनारस यात्रा को लेकर
सरकारी मशीनरी विशेष सतर्कता बरत रही है। बुधवार की शाम को मुख्य सचिव आलोक
रंजन ने उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर तैयारियों की
समीक्षा की। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए मुख्यालय से भारी पुलिस बल
भेजा गया है जबकि जोन स्तर पर अफसरों की जिम्मेदारी तय की गयी है।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा, डीजीपी एएल बनर्जी, एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल, गृह सचिव राजीव अग्रवाल और कमल सक्सेना तथा चिकित्सा स्वास्थ्य और विद्युत विभाग समेत कई विभागों के अफसरों की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने बनारस जोन के अफसरों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भारी पुलिस बल भेजा गया है। डीजीपी मुख्यालय से 12 पुलिस अधीक्षक और छह पुलिस अधीक्षक सुरक्षा मुख्यालय से भेजे गए हैं। सुरक्षा मुख्यालय के एसपी प्रधानमंत्री की फ्लीट से लेकर सादे कपड़ों में कार्यक्रम पर नजर रखेंगे जबकि डीजीपी मुख्यालय से भेजे गए एसपी उनके कार्यक्रम में यातायात, मार्ग प्रबंधन और कार्यक्रम स्थलों पर तैनात होंगे। इनके अलावा 18 एएसपी, 20 डीएसपी, 100 उपनिरीक्षक, 35 महिला उपनिरीक्षक, 17 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ और अन्य बल तैनात होंगे। एटीएस कमांडों की दो टीमें सभा स्थलों पर मौजूद होंगी। प्रधानमंत्री सात नवंबर को सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच बाबतपुर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। ज्यादातर कार्यक्रमों में वह हेलीकाप्टर से जायेंगे। शहर के भीतर उनका दौरा सड़क मार्ग से होगा।
चप्पे चप्पे पर खुफिया निगाहें : प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अभिसूचना संकलन के लिए खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। हर आने-जाने वालों पर इनकी नजर रहेगी। उनके पास जाने वाले सभी लोगों की तलाशी होगी। चूंकि प्रधानमंत्री के साथ करीब छह कैबिनेट मंत्रियों के आने की संभावना है इसलिए उनकी सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है। एसपीजी के अफसर बनारस पहुंच चुके हैं और गुरुवार को कार्यक्रम का रिहर्सल होगा।
मुख्यमंत्री करेंगे स्वागत : अभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन संभावना है कि राज्य की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बनारस में उनका स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री स्वागत के पश्चात वापस लौट आयेंगे क्योंकि आगरा में उनका एक कार्यक्रम प्रस्तावित है।
आइबी का कोई अलर्ट नहीं : प्रधानमंत्री के दौरे में आतंकी खतरे को लेकर आइबी के अलर्ट के बारे में पूछे जाने पर आइजी कानून-व्यवस्था ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि आइबी का कोई अलर्ट मेरी जानकारी में नहीं है।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा, डीजीपी एएल बनर्जी, एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल, गृह सचिव राजीव अग्रवाल और कमल सक्सेना तथा चिकित्सा स्वास्थ्य और विद्युत विभाग समेत कई विभागों के अफसरों की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने बनारस जोन के अफसरों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भारी पुलिस बल भेजा गया है। डीजीपी मुख्यालय से 12 पुलिस अधीक्षक और छह पुलिस अधीक्षक सुरक्षा मुख्यालय से भेजे गए हैं। सुरक्षा मुख्यालय के एसपी प्रधानमंत्री की फ्लीट से लेकर सादे कपड़ों में कार्यक्रम पर नजर रखेंगे जबकि डीजीपी मुख्यालय से भेजे गए एसपी उनके कार्यक्रम में यातायात, मार्ग प्रबंधन और कार्यक्रम स्थलों पर तैनात होंगे। इनके अलावा 18 एएसपी, 20 डीएसपी, 100 उपनिरीक्षक, 35 महिला उपनिरीक्षक, 17 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ और अन्य बल तैनात होंगे। एटीएस कमांडों की दो टीमें सभा स्थलों पर मौजूद होंगी। प्रधानमंत्री सात नवंबर को सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच बाबतपुर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। ज्यादातर कार्यक्रमों में वह हेलीकाप्टर से जायेंगे। शहर के भीतर उनका दौरा सड़क मार्ग से होगा।
चप्पे चप्पे पर खुफिया निगाहें : प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अभिसूचना संकलन के लिए खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। हर आने-जाने वालों पर इनकी नजर रहेगी। उनके पास जाने वाले सभी लोगों की तलाशी होगी। चूंकि प्रधानमंत्री के साथ करीब छह कैबिनेट मंत्रियों के आने की संभावना है इसलिए उनकी सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है। एसपीजी के अफसर बनारस पहुंच चुके हैं और गुरुवार को कार्यक्रम का रिहर्सल होगा।
मुख्यमंत्री करेंगे स्वागत : अभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन संभावना है कि राज्य की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बनारस में उनका स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री स्वागत के पश्चात वापस लौट आयेंगे क्योंकि आगरा में उनका एक कार्यक्रम प्रस्तावित है।
आइबी का कोई अलर्ट नहीं : प्रधानमंत्री के दौरे में आतंकी खतरे को लेकर आइबी के अलर्ट के बारे में पूछे जाने पर आइजी कानून-व्यवस्था ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि आइबी का कोई अलर्ट मेरी जानकारी में नहीं है।