ये जंगल झाड़ी नही विकास भवन की छत है
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जौनपुर : चिराग तले अंधेरा होने की कहावत विकास भवन पर सटीक बैठ रही है। वजह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्य कराने की होड़ मची है। वही विकास कार्यो का खाका तैयार कराने वाला यह भवन खुद के अच्छे दिन आने के इंतजार में आस लगाए है। वजह भवन की छत पर उगे झाड़-झंखाड़ को जिम्मेदार साफ करना उचित नहीं समझ रहे है।
विकास भवन से ही जिले के विकास का खाका तैयार होता है। पांच मंजिला वालेइस विकास भवन में रोजाना करीब हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। जहां जिलास्तरीय अधिकारी उनकी फरियाद सुनते है, किंतु अधिकारियों की उदासीनता के चलते मानो खुद उनका कार्यालय विकास की आस लगाए हुए है। इस बात का अंदाजा इस तस्वीर को देखने के बाद ही सहज लगाया जा सकता है। जहां विकास भवन की छत पर झाड़-झंखाड़ उग आए है। पीपल सहित कई जंगली पेड़ भी छह-सात फीट से बड़े हो चुके है। जिसके चलते बारिश होने पर पांचवें तल पर कई स्थानों पर पानी टपकता है। वही विकास भवन के पीछे कूड़े का ढेर दूसरे तल तक पहुंच गया है। विकास भवन में व्याप्त गंदगी को साफ कराने के लिए जिम्मेदार कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है।