कल तक थे आखो के नूर आज बन गये किरकिरी
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कल तक बसपा में किंग मेकर की भूमिका निभने वाले जौनपुर के
सांसद धनजय सिंह आज माया की आखो की किरकिरी बनते जा रहे है ? यह मामला तब लोगो के जेहन में कौंधने लगा जब उनके ही पिता रारी के विधायक राजदेव सिंह का टिकट बसपा ने काट दिया एम् पी के पिता का टिकट काटे जाने की खबर मिलते जौनपुर समेत पूरे पूर्वाचल में इस बात की चर्चा है कि आखिर मायावती क्यों? नाराज हो गई है चर्चा भी क्यों ना हो जब से धनजय ने बीसपी का दामन थामा है तब जौनपुर में पार्टी को काफी मजबूत ही किया है पहले तो खुद लोकसभा चुनाव २००९ के चुनाव मैदान में बाजी मारते हुए सपी से यह सीट छिनकर बहुजन समाज पार्टी की झोली में डाल दिया उसके बाद रारी विधान सीट पर अपने पिता राजदेव सिंह को नीले झंडे नीचे लड़ाकर विधान सभा में भेजा था इसके बाद से बसपा में धनजय का सिक्का चलने लगा था पंचायत चुनाव में तो सांसद का दबदबा ही चला उनके प्रभाव के चलते २५ से अधिक जिला पंचायत सदस्य १२ ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पद बीएसपी की झोली में डालने श्रेय मिला था फिर आया २०१२ के विधान सभा के लिए टिकट बटवारे की घड़ी इसमें भी सांसद के ४ चहेतों को टिकट मिला था शुक्रवार को वाराणसी में हुई बीएसपी की बैठक में मंत्री नसिमुदीन ने उनके पिता समेत ३ चहेतों का टिकट काट दिया इस घटना ने एक साथ कई सवाल छोड़ गये है