जौनपुर में लाखो का घोटाला
https://www.shirazehind.com/2011/07/blog-post_19.html
उत्तर प्रदेष में एनएचआरएम घोटाले ने दो सीएमओं एक डिप्टी सीएमओं की बलि लेने के बाद भी यह भ्रटाचार रूकने का नाम नही ले रहा हैं। जौनपुर में स्वास्थ विभाग के अधिकारियों ने इस योजना के अर्तगत आने वाले धन का बंदर बाट कर रहे है। जिले के धर्मापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केद्र पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ मिषन का दस लाख रूपये डकार गये है। इस घोटाले की खबर मिलते ही पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ हैं। उधर उत्तर प्रदेष सरकार ने जांच भी शुरू कर दिया हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ मिषन केद्र सरकार की यह योजना गरीबों का मुफ्त इलाज के लिए चलायी गयी हैं। लेकिन प्रदेष सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों ने इसे अपना दूधारू गांय बना लिया हैं। प्रदेष मुख्यालय से लेकर प्राथमिक स्वास्थ केद्रो तक इस योजना पर बुरी तरह से डाका डाला जा रहा हैं। ऐसा ही सनसनी खेज मामला प्रकाष में आया है जौनपुर जिले के धर्मापुर प्राथमिक स्वास्थ केद्र पर। यहां पर अस्पताल प्रषासन ने एनएचआरएम का दस लाख रूपये डकार गये हैं। भ्रष्टाचारियों ने बड़ी ही सफाई से गुनाह किया था। कार्यालय लिपिक के अनुसार भारतीय स्टेट बैक की शाखा से दूसरा चेक बुक इषू कराकर 14 चेको के माध्यम् से 9 लाख 4 हजार 228 रूपये निकाल लिये। इसका लेखा जोखा कार्यालय में दर्ज नही हैं।
इस भ्रष्टाचार को उजागर किया है राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने। सुभाष चन्द्र अस्थाना जिला मंत्री राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद ने पूरी तहकीकात कर जांच के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण समेत कई अधिकारियों से अनुरोध किया हैं।
सीएमओ मधुषूदन शर्मा के अनुसार इस सनसनी खेज मामले की सूचना मिलते ही विभागीय जांच शुरू हो गयी हैं।
फिलहाल मामले की जांच चल रही है अब देखना है कि जांच में जुटी टीम आरोपियों को जेल के सलाखो के पीछे भेजती है या फिर वह भी भ्रष्टाचारियों से मिलकर क्लिन चिट दे देती हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ मिषन केद्र सरकार की यह योजना गरीबों का मुफ्त इलाज के लिए चलायी गयी हैं। लेकिन प्रदेष सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों ने इसे अपना दूधारू गांय बना लिया हैं। प्रदेष मुख्यालय से लेकर प्राथमिक स्वास्थ केद्रो तक इस योजना पर बुरी तरह से डाका डाला जा रहा हैं। ऐसा ही सनसनी खेज मामला प्रकाष में आया है जौनपुर जिले के धर्मापुर प्राथमिक स्वास्थ केद्र पर। यहां पर अस्पताल प्रषासन ने एनएचआरएम का दस लाख रूपये डकार गये हैं। भ्रष्टाचारियों ने बड़ी ही सफाई से गुनाह किया था। कार्यालय लिपिक के अनुसार भारतीय स्टेट बैक की शाखा से दूसरा चेक बुक इषू कराकर 14 चेको के माध्यम् से 9 लाख 4 हजार 228 रूपये निकाल लिये। इसका लेखा जोखा कार्यालय में दर्ज नही हैं।
इस भ्रष्टाचार को उजागर किया है राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने। सुभाष चन्द्र अस्थाना जिला मंत्री राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद ने पूरी तहकीकात कर जांच के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण समेत कई अधिकारियों से अनुरोध किया हैं।
सीएमओ मधुषूदन शर्मा के अनुसार इस सनसनी खेज मामले की सूचना मिलते ही विभागीय जांच शुरू हो गयी हैं।
फिलहाल मामले की जांच चल रही है अब देखना है कि जांच में जुटी टीम आरोपियों को जेल के सलाखो के पीछे भेजती है या फिर वह भी भ्रष्टाचारियों से मिलकर क्लिन चिट दे देती हैं।
sahi post
जवाब देंहटाएंkam ki post
bahut jaruri hai gadbadi karne vale salakhon ke pichhe hon||